मुंबई — सपनों के शहर ‘तीसरी मुंबई’ यानी करनाल-साई-चिरनेर (KSC) न्यू टाउन को धरातल पर उतारने की दिशा में मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 27 अप्रैल 2026 से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है।
मार्च में पारित सरकारी प्रस्ताव (GR) के बाद, एमएमआरडीए अब ‘न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (NTDA) के रूप में काम कर रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया है।
अधिग्रहण प्रक्रिया की मुख्य बातें
यह परियोजना कुल 323.44 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें रायगढ़ जिले के पनवेल, उरण और पेण तालुका के 124 गांव शामिल हैं। यह क्षेत्र सीधे तौर पर अटल सेतु (MTHL) और निर्माणाधीन नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रभाव क्षेत्र में आता है।
27 अप्रैल से भूस्वामी एमएमआरडीए की वेबसाइट पर जाकर अपनी सहमति दे सकते हैं और निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं:
- आधार कार्ड
- 7/12 उतारा
- 8अ उतारा (होल्डिंग रिकॉर्ड)

मुआवजे के 3 विकल्प: आपकी जमीन, आपकी पसंद
एमएमआरडीए ने इस बार “जबरन अधिग्रहण” के बजाय साझेदारी का मॉडल अपनाया है। भूस्वामियों के पास तीन मुख्य विकल्प होंगे:
| विकल्प | तरीका | विवरण |
|---|---|---|
| 1. आपसी सहमति | सीधी खरीद | सरकारी मानदंडों और वर्तमान बाजार दर के अनुसार नकद मुआवजा। |
| 2. FSI / TDR | विकास अधिकार | जमीन के बदले एफएसआई (FSI) या टीडीआर (TDR) दिया जाएगा। |
| 3. लैंड पूलिंग | 22.5% रिटर्न | विकसित जमीन का 22.5% हिस्सा मालिक को बुनियादी सुविधाओं के साथ वापस मिलेगा। |
क्यों खास है ‘तीसरी मुंबई’?
तीसरी मुंबई का लक्ष्य मुंबई के मुख्य द्वीप शहर से तीन गुना बड़ा एक ‘स्मार्ट सिटी’ बनाना है। इस मास्टर प्लान में आर्थिक केंद्र (Fintech), एजुकेशन सिटी और अत्याधुनिक हेल्थकेयर क्लस्टर शामिल हैं। यह शहर अटल सेतु और मल्टी-मोडल कॉरिडोर के माध्यम से पूरी दुनिया से जुड़ा होगा।
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